
हरदोई रोड से जैसे ही आप सराय माली खां की ओर मुड़ते हैं, शहर का सिस्टम वहीं ठहर जाता है। मोड़ पर ही ई-रिक्शा का बेतरतीब जमावड़ा आपका स्वागत करता है — और हैरानी की बात यह कि ठीक उसी मोड़ पर पुलिस चौकी मौजूद है।
चौकी है, लेकिन चौकसी नहीं। कानून है, लेकिन लागू कहीं नहीं।
पुलिस चौकी के साए में अव्यवस्था
आगे बढ़िए तो सड़क नहीं, बल्कि अव्यवस्थित खोमचों की कतारें मिलती हैं। पैदल चलने वालों के लिए कोई जगह नहीं, एम्बुलेंस की तो कल्पना ही छोड़ दीजिए। यह इलाका अब सड़क नहीं, ट्रैफिक का ट्रैप बन चुका है।
कालीचरण मार्केट से मूलचंद पान तक कब्जों की चेन
कालीचरण मार्केट के सामने नालियों पर खुलेआम कब्जा है। इसके बाद मूलचंद पान वाले के सामने दाएं जाइए, बाएं मुड़िए किसी भी गली में घुसिए हर तरफ एक ही नजारा चबूतरे- झज्जे- स्थायी अस्थायी कब्जे।
हर किसी ने अपनी ताकत और पहुंच के हिसाब से सड़क को निजी संपत्ति बना लिया है।
इमरजेंसी में मदद? लगभग नामुमकिन
इस पूरे इलाके में अगर आग लग जाए। किसी की तबीयत बिगड़ जाए। कोई बड़ा हादसा हो जाए तो रेस्क्यू पहुंचना लगभग असंभव है। रास्ते इतने संकरे कर दिए गए हैं कि एक बाइक भी मुश्किल से निकल पाए।
कंघी टोला नाला: बदबू, मच्छर और बीमारी
कंघी टोला का नाला खुला पड़ा है बदबू, कीट-पतंगे, मच्छरों का आतंक यह सब अब आम लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। लेकिन सवाल वही है नगर निगम को यह सब क्यों नहीं दिखता?


सट्टा-जुआ और शराबी आम बात
कई स्थानीय निवासियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इलाके में कई लोग सट्टा खिलाते हैं, जुआ खिलाते हैं और शराब पीकर हुडदंग करते हैं लेकिन इनपर कोई सख्ती नहीं होती। बहु बेटियों का घर से निकलना दूभर है। हम डर की वजह से कुछ कह नहीं पाते, हमने अपने को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है।
जर्जर और बिना नीव के मकान दे रहे हादसे को बुलावा
इस पूरे इलाके में कई मकान काफी जर्जर हालत में हैं, कई मकानों की नीवं तक नहीं है। जब पडोसी पुनर्निमाण का कार्य करते हैं तो वो भी राम भरोसे होता है।

सब दिखता है, बस दिखाया नहीं जाता
यह मान लेना अब मुश्किल है कि पुलिस को चौकी के सामने अतिक्रमण नहीं दिखता। नगर निगम को खुले नाले नहीं दिखते। प्रशासन को खतरे नहीं दिखते असलियत यह है कि सब दिखता है, बस देखने की इच्छा नहीं होती। और जब तक कोई बड़ी अनहोनी नहीं होती, तब तक यह इलाका सिस्टम की फाइलों में “सब ठीक” बना रहता है।
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